ईश्वर तत्व एक मंजिल है, जिस तक पहुँचने के पथ अनेक है। ईश्वर साकार भी है और निराकार भी, ईश्वर अनादि भी है और अनंत भी एवं इन सबके परे भी, अर्जुन श्री कृष्ण से पूछते है "हे महाबाहो आप तक पहुँचने के कितने मार्ग है..? तब प्रभु ने बड़ा ही प्यारा उत्तर दिया - "हे पार्थ इस सृष्टि में जितने जीव है उतने ही मुझ तक पहुँचने के मार्ग भी है" 🧘🏻♂️ तथा कोई भी मार्ग छोटा नहीं है..।।